बच्चों में हर्निया क्या होता है? लक्षण और इलाज

बच्चों में हर्निया क्या होता है

छोटे बच्चों में पेट या ग्रोइन (जांघ के ऊपर का हिस्सा) में सूजन दिखाई देना कई बार हर्निया का संकेत हो सकता है। अक्सर माता-पिता इसे सामान्य सूजन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय पर पहचान और इलाज बहुत जरूरी होता है। बच्चों में हर्निया जन्म से भी हो सकता है और यह लड़कों में अधिक देखा जाता है।

हर्निया क्या होता है?

हर्निया वह स्थिति है जिसमें पेट के अंदर का कोई हिस्सा या आंत कमजोर मांसपेशियों के जरिए बाहर की ओर उभरने लगती है। बच्चों में यह समस्या आमतौर पर जन्मजात होती है, यानी बच्चा पैदा होने के समय से ही यह कमजोरी मौजूद होती है।

बच्चों में हर्निया के प्रकार

1. इनगुइनल हर्निया (Inguinal Hernia)

यह सबसे आम प्रकार का हर्निया है। इसमें जांघ या अंडकोष के पास सूजन दिखाई देती है। रोने, खांसने या जोर लगाने पर यह सूजन अधिक स्पष्ट हो सकती है।

2. अम्बिलिकल हर्निया (Umbilical Hernia)

यह नाभि के आसपास उभरने वाली सूजन होती है। कई बच्चों में यह उम्र बढ़ने के साथ खुद ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

बच्चों में हर्निया के लक्षण

यदि आपके बच्चे में नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • ग्रोइन या नाभि के पास उभरी हुई गांठ या सूजन
  • रोने या खांसने पर सूजन बढ़ना
  • बच्चे का बार-बार चिड़चिड़ा होना
  • पेट दर्द या बेचैनी
  • उल्टी आना
  • बच्चे का दूध या खाना कम लेना
  • सूजन का लाल या कठोर हो जाना

कुछ मामलों में हर्निया फंस सकता है, जिसे मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है।

बच्चों में हर्निया क्यों होता है?

बच्चों में हर्निया होने के प्रमुख कारण:

  • जन्म के समय पेट की मांसपेशियों का पूरी तरह बंद न होना
  • प्रीमैच्योर डिलीवरी
  • परिवार में हर्निया की हिस्ट्री
  • लड़कों में अधिक संभावना
  • जन्मजात कमजोरी

विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश बच्चों में इनगुइनल हर्निया जन्म से जुड़ा होता है।

हर्निया का इलाज कैसे होता है?

क्या हर्निया बिना इलाज के ठीक हो सकता है?

  • इनगुइनल हर्निया आमतौर पर अपने आप ठीक नहीं होता।
  • अम्बिलिकल हर्निया कई बार 4–5 साल की उम्र तक खुद बंद हो सकता है।

सर्जरी ही मुख्य इलाज

बच्चों में हर्निया का सबसे प्रभावी इलाज सर्जरी है। आधुनिक तकनीक के कारण यह प्रक्रिया काफी सुरक्षित और कम समय में पूरी हो जाती है। कई मामलों में बच्चा उसी दिन घर जा सकता है।

हर्निया सर्जरी के प्रकार

  • ओपन सर्जरी
  • लैप्रोस्कोपिक (छेद वाली) सर्जरी

लैप्रोस्कोपिक सर्जरी में दर्द कम होता है और रिकवरी जल्दी होती है।

कब तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

यदि बच्चे में ये लक्षण हों तो देरी न करें:

  • सूजन का अचानक बढ़ जाना
  • तेज दर्द
  • उल्टी
  • बुखार
  • सूजन लाल या काली पड़ना
  • बच्चा लगातार रो रहा हो

ऐसी स्थिति में हर्निया फंस सकता है, जिससे आंत को नुकसान पहुंचने का खतरा होता है।

बच्चों में हर्निया से बचाव संभव है?

जन्मजात हर्निया को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन समय पर जांच और सही इलाज से जटिलताओं से बचा जा सकता है। माता-पिता को बच्चे के शरीर में किसी भी असामान्य सूजन पर ध्यान देना चाहिए।

मुंबई में बच्चों के हर्निया का विशेषज्ञ इलाज

यदि आपके बच्चे में हर्निया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो समय पर विशेषज्ञ सलाह लेना बेहद जरूरी है। Dr. Saurabh Tiwari बच्चों में हर्निया, हाइड्रोसील, अंडकोष संबंधी समस्याओं और Pediatric Laparoscopic Surgery के विशेषज्ञ माने जाते हैं। आधुनिक तकनीक और बच्चों के अनुकूल उपचार पद्धति के जरिए वे सुरक्षित एवं प्रभावी इलाज प्रदान करते हैं। शुरुआती जांच और सही समय पर सर्जरी से बच्चे को गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है।